13 सितंबर 2015 - 06:34
परमाणु समझौता ईरानी राष्ट्र की प्रतिष्ठा व महानता के अनुसार है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि एक अवैध सरकार और अमरीका के अंदर कुछ चरमपंथियों को छोड़ कर पूरी दुनिया और सभी देशों ने परमाणु सहमति के सामने विश्व शांति की दिशा में उठाए गये क़दम के रूप में, शीश नवाया है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि एक अवैध सरकार और अमरीका के अंदर कुछ चरमपंथियों को छोड़ कर पूरी दुनिया और सभी देशों ने परमाणु सहमति के सामने विश्व शांति की दिशा में उठाए गये क़दम के रूप में, शीश नवाया है।
ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने शनिवार को एक सम्मेलन के दौरान अपने भाषण में कहा कि परमाणु वार्ता के दो वर्षों के दौरान हमारे राष्ट्रीय नायकों ने, हर वाक्य, हर शब्द, हर परिभाषा और हर अक्षर के लिए संघर्ष किया और अपनी बात पर वह डटे रहे। इस लिए समझौते के मसौदे के बारे में पूरे इतिहास में कोई यह नहीं कह सकेगा कि वह ईरानी राष्ट्र की प्रतिष्ठा व महानता के अनुसार नहीं है।
उन्होंने इसी प्रकार ईरान की अर्थ व्यवस्था और उसमें तेल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हमारी अर्थ व्यवस्था तेल पर आधारित होगी तो इसका मतलब यह होगा कि हमारी अर्थ व्यवस्था देश के भीतर नहीं बाहर से जुड़ी है क्योंकि हमें यह तेल, बाज़ार में बेचना होता है और उसका मूल्य, बाज़ार निर्धारित करता है और यह चीज़ हमारे हाथ में नहीं होती और यही कारण है कि प्रतिबंधों के दौरान हम ने देखा कि शक्तिशाली देशों ने तेल और अर्थ व्यवस्था के सहारे हमारी सरकार और जनता का मुक़ाबला करना चाहा।
राष्ट्रपति ने कहा कि पहले हमें इस बात पर विवश किया कि हम केवल दस लाख बैरल तेल निर्यात कर सकते हैं और यह हमारी जनता पर दबाव डालने की कोशिश के साथ भी हमारे राष्ट्रीय गौरव व सम्मान का भी उल्लंघन था।
राष्ट्रपति ने कहा कि तेल पैदा करने वाले कुछ देशों ने, जिनका महाशक्तियों से संबंध सब के सामने स्पष्ट है, ईरान और फिर हालिया महीनों में रूस पर दबाव डालने के लिए तेल की क़ीमत, एक सौ दस डॉलर से चालीस डॉलर तक गिरा दिया।